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उमà¥à¤° के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° कितना होना चाहिये बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°? देखें Blood Pressure चारà¥à¤Ÿ
महिलाओं का बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में थोड़ा कम रहता है।
हेलà¥à¤¥à¤•ेयर विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• à¤à¤• वयसà¥à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में 95-145/60-90 के बीच का बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° à¤à¥€ सामानà¥à¤¯ माना जा सकता है।
बॉडी में खून का दबाव यानी बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° कितना होना चाहिà¤? आमतौर पर हम इसे 120/80 मान लेते हैं। यह बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° का सामानà¥à¤¯ माप है। उमà¥à¤° के हिसाब से बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की रेंज बदलती रहती है इसलिठबà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की सही जानकारी होना हमारे लिठबेहद जरूरी है। बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की अनियमित रेंज कई बीमारियों के आने का संकेत हो सकती है।
शरीर को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ रखने के लिठबà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° पर नियंतà¥à¤°à¤£ बहà¥à¤¤ जरूरी है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° आज दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° के लोगों के लिठबहà¥à¤¤ बड़ी समसà¥à¤¯à¤¾ होती जा रही है। डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚à¤à¤šà¤“ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° विशà¥à¤µ में 1.13 अरब आबादी हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° से पीड़ित है।आइठजानते हैं कि उमà¥à¤° के हिसाब से वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° कितना होना चाहिà¤à¥¤
कà¥à¤¯à¤¾ 120/80 सामानà¥à¤¯ बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° है: 120/80 सामानà¥à¤¯ बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° है। हेलà¥à¤¥à¤•ेयर विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• à¤à¤• वयसà¥à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में 95-145/60-90 के बीच का बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° à¤à¥€ सामानà¥à¤¯ माना जा सकता है। लेकिन यह वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की शारीरिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर निरà¥à¤à¤° करता है। डॉकà¥à¤Ÿà¤° मरीज में अनà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के आकलन के आधार पर 145/90 बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को à¤à¥€ सामानà¥à¤¯ मान सकता है। उदाहरण के लिठ20 साल के à¤à¤• वयसà¥à¤• में अगर कोई बीमारी के लकà¥à¤·à¤£ नहीं है तो 90/50 बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° à¤à¥€ सामानà¥à¤¯ है।
किन-किन चीजों से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°: बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने वाले कई कारक हैं। यह उमà¥à¤°, लिंग, मूल-वंश, वजन, à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ, à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾, तनाव, पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी, दैनिक दिनचरà¥à¤¯à¤¾ जैसे कारकों से निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ होता है। आमतौर पर उमà¥à¤° बढ़ने के साथ ही बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की रेंज à¤à¥€ बढ़ती जाती है।
कà¥à¤¯à¤¾ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€-पà¥à¤°à¥à¤· में à¤à¤• जैसा होता है बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°: बचपन में लड़का और लड़की में à¤à¤• जैसा ही बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° होता है लेकिन टीनà¤à¤œ के बाद लड़का और लड़की का बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° बढ़ जाता है। आमतौर पर महिलाओं का बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में थोड़ा कम रहता है। लेकिन दिलचसà¥à¤ª बात यह है कि मेनोपॉज के बाद महिलाओं में बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो जाता है।
उमà¥à¤° के हिसाब से बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° का चारà¥à¤Ÿ
उमà¥à¤° ————————————–ऊपरी रेंज—————————–निचली रेंज
नवजात से 6 महीने———————–45-90 ——————————-30-65
6 महीने से 2 साल तक——————-80-100——————————40-70
बचà¥à¤šà¥‡ (2-13 वरà¥à¤·)—————————80-120——————————40-80
किशोर (14-18 वरà¥à¤·)———————-90–120——————————50–80
वयसà¥à¤• (19-40 वरà¥à¤·)———————–95-135——————————60-80
वयसà¥à¤• (41-60 वरà¥à¤·)———————-110-145—————————–70-90
वृदà¥à¤§ वयसà¥à¤•——————————–95-145——————————-70-90
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